काठमांडू। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने पार्टी पुनर्गठन पर चर्चा शुरू कर दी है। 4 मार्च को हुए चुनाव में फर्स्ट पास्ट द पोस्ट (एफपीटीपी) के तहत 1 सीट और आनुपातिक प्रतिनिधित्व (पीआर) श्रेणी के तहत चार सीटें जीतने वाली पार्टी ने चुनाव परिणामों के बाद पुनर्गठन के लिए चर्चा शुरू कर दी है।
महासचिव शरद राज पाठक ने कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी पुनर्गठन पर चर्चा तेज की जानी चाहिए।
पाठक ने फेसबुक पर लिखा, ‘अगर राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) को पतन की स्थिति से राष्ट्रीय राजनीति में एक विश्वसनीय और शक्तिशाली, हस्तक्षेपकारी और परिवर्तनकारी पार्टी में बदलना है तो उसके व्यापक पुनर्गठन की तत्काल आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्टी का नाम, चुनाव चिह्न, केंद्र से लेकर निचली इकाई तक नेतृत्व की समीक्षा और आवश्यक बदलाव जरूरी हैं।
पाठक ने लिखा, ‘इसके लिए पार्टी का नाम, चुनाव चिह्न, केंद्र से निचली इकाई तक नेतृत्व की समीक्षा और आवश्यक परिवर्तन आवश्यक है।
उन्होंने दावा किया कि हालांकि आरपीपी के एजेंडे में कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन नेताओं की सोच और कार्यशैली में समस्या है। उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक रूप से लिखने के लिए मुझे गंभीर गाली दी जा सकती है, लेकिन मैंने यह टिप्पणी बिना कोई संदेश दिए लिखी है.’ उन्होंने कहा, ‘मेरे अवांछित मूल्यांकन में आरपीपी के एजेंडे में कोई बड़ी समस्या नहीं है.’
समस्या हमारी सोच और कार्यशैली में है। उन्होंने कहा कि समस्या पार्टी के भीतर शक्तिशाली प्रवृत्तियों में निहित है, उन्होंने कहा कि समस्या आधुनिक युग के राजनीतिक आयामों की उपेक्षा और उपेक्षा में निहित है।
पाठक ने कहा, “पार्टी के लिए ऐसा उम्मीदवार ढूंढना मुश्किल होगा जो असाधारण स्थानों को छोड़कर आगामी स्थानीय और प्रांतीय चुनावों में आम मतदाताओं को प्रभावित कर सके। महासचिव पाठक ने यह भी मांग की है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को पार्टी के जमीनी स्तर पर शुरू किया जाए।
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