काठमांडू। देश की समग्र आर्थिक गतिविधियों को सटीक रूप से दर्शाने के उद्देश्य से दूसरी राष्ट्रीय आर्थिक गणना आज से शुरू हो गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, जनगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश भर में संबंधित क्षेत्रों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।
कार्यक्रम के अनुसार, ऑन-साइट डेटा संग्रह जून के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। कार्यालय ने कहा कि इसके लिए लगभग 5,000 मानव संसाधन जुटाए गए हैं। जनगणना में उद्योग, व्यवसाय, सेवा क्षेत्र, सहकारी समितियों, निजी और सार्वजनिक संस्थानों की संख्या, प्रकृति, निवेश, रोजगार, उत्पादन और सेवा वितरण सहित आर्थिक क्षेत्र के 18 संकेतकों को शामिल किया गया है।
इसी तरह छोटे और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्वरोजगार और रोजगार सृजन संस्थाएं, उद्योग, उद्योग, गैर सरकारी संगठन, सरकारी निगम, निजी और सरकारी स्कूल और अस्पताल भी जनगणना में शामिल होंगे। आर्थिक जनगणना के लिए जरूरी तैयारियां मार्च के मध्य तक पूरी कर ली गई हैं। मार्च की शुरुआत में 77 जिलों में कुल 84 कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जो जुलाई के मध्य तक चालू रहेंगे।
2075 में हुई राष्ट्रीय आर्थिक गणना के अनुसार, देश भर में 923,356 उद्यम और व्यवसाय संचालित थे। वित्त मंत्रालय ने सभी हितधारकों से इस जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया है, जिसे देश के औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की पहचान करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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