काठमांडू। त्रिभुवन विश्वविद्यालय (टीयू) ने अतिक्रमित भूमि को वापस करने के लिए 35 दिन का सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।
टीयू भूमि और अचल संपत्ति खोज समिति-2081 की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के अधिनियम, नियमों और कानूनों का उल्लंघन करते हुए व्यक्ति, कंपनियां, संगठन या निकाय विश्वविद्यालय और उसके निकायों के स्वामित्व वाली भूमि और अचल संपत्ति पर अतिक्रमण कर रहे हैं, कब्जा कर रहे हैं और उन्हें नियंत्रित कर रहे हैं।
त्रिभुवन विश्वविद्यालय (टीयू) ने आज एक नोटिस जारी कर सरकार से अतिक्रमित भूमि को खाली करने और इसे आधिकारिक रूप से वापस करने का आग्रह किया है।
यह नोटिस सभी संबंधित लोगों की जानकारी के लिए प्रकाशित किया गया है ताकि सरकार या दानदाताओं को नोटिस के प्रकाशन की तारीख से 35 दिनों के भीतर शैक्षिक विकास के लिए अलग-अलग समय और शर्तों पर उपयोग के अधिकार के उपयोग के लिए विश्वविद्यालय को प्रदान की गई भूमि और अचल संपत्ति को खाली करने के लिए कहा जा सके। यदि वे अनुपालन नहीं करते हैं, तो वे नियमों के अनुसार आगे बढ़ेंगे।
यह नोटिस 23 अप्रैल को टीयू कार्यकारी परिषद के निर्णय के अनुसार प्रकाशित किया गया था। सरकार द्वारा गठित एक जांच समिति ने बताया है कि टीयू की लगभग 2,500 रोपनी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है।
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