काठमांडू। वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने कहा है कि किसी अन्य उद्यमी को बिजली बेचते समय मूल्य वर्धित कर (वैट) से बचने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैट प्रणाली को इस तरह से लागू किया जाएगा कि केवल अंतिम उपभोक्ता ही प्रभावित होंगे।
बुधवार को प्रतिनिधि सभा के तहत वित्त समिति की बैठक में बोलते हुए मंत्री वागले ने कहा कि कर प्रणाली को सरल, वैज्ञानिक और निवेश के अनुकूल बनाया गया है।
उनके मुताबिक 10 लाख रुपये तक सालाना कमाने वाले करदाताओं को सिर्फ 1 फीसदी इनकम टैक्स देना होगा। साथ ही इनकम टैक्स की ऊपरी दर (मार्जिनल टैक्स रेट) को 39 फीसदी से घटाकर 29 फीसदी कर दिया गया है।
मंत्री वागले ने कहा कि बजट में बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च का 25 प्रतिशत या कर योग्य आय से 25,000 रुपये (जो भी कम हो) काटने का नया प्रावधान किया गया है। उन्होंने नागरिकों से औपचारिक कर प्रणाली में शामिल होने और नियमित रूप से आयकर दाखिल करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर सीमा शुल्क अब ‘पीक पावर’ के बजाय कीमत के आधार पर तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में पीक पावर का निर्धारण करते समय सीमा शुल्क का दुरुपयोग किया गया था और महालेखा परीक्षक ने अरबों रुपये के बकाये की ओर इशारा किया था। उन्होंने यह भी कहा कि नीति में सुधार किया गया है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक न बढ़े।
इसी तरह, महानगरों और उप-महानगरों के अलावा अन्य क्षेत्रों में संचालित होने वाले सिनेमा हॉल को संचालन की तारीख से 10 साल के लिए कर से छूट दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में रक्त और टीकों के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहकों पर वैट को 30 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
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