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नौ महीने में 84.11 फीसदी राजस्व जुटाया, पूंजीगत व्यय निराशाजनक

कालोपाटी

३ हप्ता अगाडि

काठमांडू। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2082-83 के पहले नौ महीनों में लक्ष्य राजस्व का 84.11 प्रतिशत संग्रह किया है। वित्त नियंत्रक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के मध्य तक कुल 891.56 अरब रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।

संग्रह राजस्व में से 261.41 अरब रुपये मूल्य वर्धित कर (वैट) से और 215.90 अरब रुपये आयकर से एकत्र किए गए हैं। अकेले मार्च महीने में लक्ष्य राजस्व संग्रह का 93 प्रतिशत से अधिक सकारात्मक माना जाता है।

हालांकि राजस्व संग्रह में सुधार हुआ है, लेकिन सरकार का विकास व्यय (पूंजीगत व्यय) बहुत कमजोर है। अप्रैल के मध्य तक केवल 96.19 अरब रुपये या आवंटित पूंजीगत बजट का 23.58 प्रतिशत खर्च किया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि से कम है।

वहीं सामान्य प्रकृति का मौजूदा खर्च 63.3 फीसदी (747.52 अरब रुपये) तक पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, सरकार का कुल बजट व्यय अब तक 1059.95 अरब रुपये या लक्ष्य का 53.97 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

सरकार विदेशी सहायता प्राप्त करने में भी काफी पीछे है; वार्षिक लक्ष्य का केवल 29.21 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ है। सरकार ने मध्य पूर्व में हाल के संघर्ष के कारण ईंधन और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के लिए पूंजीगत व्यय में गिरावट को जिम्मेदार ठहराया है।

इस असहज स्थिति के चलते सरकार ने बजट की छमाही समीक्षा के जरिए खर्च के संशोधित अनुमान को भी कम कर दिया है, जिससे इस साल विकास कार्यों की रफ्तार और धीमी होने की उम्मीद है।

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