काठमांडू। अफगानिस्तान का कुपोषण संकट बदतर हो रहा है क्योंकि पाकिस्तान के साथ तनाव और ईरान युद्ध आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यदि पर्याप्त संसाधन और आसान परिवहन संभव हो, तो कुपोषण के जोखिम वाले अतिरिक्त 1 मिलियन बच्चों का समर्थन किया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मौजूदा संघर्ष, सीमा नाकेबंदी और बढ़ती लागत ने मानवीय सहायता के वितरण को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हाल के महीनों में, अफगानिस्तान भूकंप, जलवायु संबंधी आपदाओं और पड़ोसी देशों से लौटने वाले लोगों की आमद से जूझ रहा है। इसने खाद्य असुरक्षा और स्वास्थ्य संकट को बढ़ा दिया है।
इस बीच पाकिस्तान के साथ संघर्ष के कारण करीब आठ महीने से सीमा लगभग पूरी तरह से बंद है। इससे भोजन, दवा और ईंधन की आपूर्ति में बड़ा व्यवधान आया है। ईरान में चल रहे युद्ध के वैश्विक आर्थिक प्रभाव ने भी स्थिति को जटिल बना दिया है।
डब्ल्यूएफपी ने कहा कि खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण मानवीय सहायता के शिपमेंट में देरी हो रही है। डब्ल्यूएफपी ने कहा कि वह धन सुरक्षित करने के लिए भी संघर्ष कर रहा था। संगठन ने अब तक अफगानिस्तान के लिए अपने वार्षिक वित्त पोषण का केवल आठ प्रतिशत जुटाया है।
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