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पोखरा की झुग्गियां क्या हैं (सात तस्वीरें)

कालोपाटी

२ हप्ता अगाडि

काठमांडू। कुछ समय पहले काठमांडू में सुकुम्बासी बस्तियों पर बुलडोजर चलने लगे थे, जिसके बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में रहने वाले सुकुम्बासी दहशत में आ गए हैं। हालांकि पोखरा मेट्रोपॉलिटन सिटी (पीएमसी) ने सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके बनाए गए ढांचों को खाली करने का नोटिस जारी किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट (SC) ने भूमिहीन सुवासियों को जबरन बेदखल नहीं करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। फिर भी देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।

राष्ट्रीय भूमि आयोग, कास्की के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पोखरा महानगर में कुल 19,634 परिवार भूमिहीन, दलित अवैध कब्जा करने वाले और अव्यवस्थित निवासी हैं। पोखरा महानगर के वार्ड नंबर 9 के पृथ्वीचौक बस पार्क क्षेत्र में कुल 475 परिवार रह रहे हैं।

पोखरा के अलग-अलग हिस्सों में भूमिहीन सुकुमधारियों ने यह रुख अपनाया है कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वे किसी भी हालत में अपना स्थान खाली नहीं करेंगे। इतिहास के अनुसार पृथ्वी चौक बस पार्क के निर्माण के लिए विसं २०३२ में २०५ रोपनी भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद से इलाके में अवैध कब्जा करने वालों का बसना शुरू हो गया है। केएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, पोखरा टाउन प्लान (2030 बीएस) और पोखरा घाटी मास्टर प्लान (2031 बीएस) के अनुसार अधिग्रहित भूमि अतिक्रमण, मुआवजे के वितरण और सड़क विस्तार के कारण लगभग 50 से 81 रोपनी भूमि तक सिमट गई है।

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