काठमांडू। स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री डॉ. सुधा गौतम ने कहा कि फार्मासिस्टों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
यह कहते हुए कि दवा उद्यमियों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, गौतम ने कहा कि औषधि प्रशासन विभाग को और मजबूत किया जाना चाहिए।
उनका विचार था कि विभाग की संरचना और क्षमता को और मजबूत करने के लिए इसे कम से कम स्तर 3 या 4 में अपग्रेड किया जाना चाहिए।
उन्होंने फार्मास्युटिकल उद्योग और आयुर्वेदिक अनुसंधान को मजबूत करके नेपाल को फार्मास्युटिकल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
यह कहते हुए कि पर्वतीय क्षेत्र नेपाल में पाई जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों का प्रमुख स्रोत है, उन्होंने जुमला स्थित मेडिकल कॉलेजों और अनुसंधान संस्थानों में आयुर्वेदिक क्षेत्र में अनुसंधान और अनुसंधान को तेज करने की आवश्यकता की ओर इशारा किया।
उनके अनुसार, नेपाल में अधिकांश दवा उद्योग और प्रयोगशालाएं बारा, पर्सा और गंडकी प्रांतों में केंद्रित हैं। उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन को पश्चिमी, सुदूर-पश्चिमी और कर्णाली प्रांतों में विस्तारित किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में आधुनिक और आयुर्वेदिक दोनों दवाओं के उत्पादन का विस्तार करने की दीर्घकालिक योजना है।
नेपाल को औषधीय जड़ी-बूटियों के उत्पादन और अनुसंधान के केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना का उल्लेख करते हुए मंत्री गौतम ने कहा कि उनका लक्ष्य भविष्य में नेपाल को दवाओं पर आत्मनिर्भर बनाना है।
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