काठमांडू। प्राधिकरण दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) ने राजस्व जांच विभाग के पूर्व महानिदेशक झलक राम अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निरोधक निकाय ने रविवार को काठमांडू की विशेष अदालत में अधिकारी के खिलाफ मामला दायर किया।
सीआईएए की जांच से पता चला है कि अधिकारी ने राजस्व लीकेज की जांच में मदद करने और इसे अन्य अपराधों से बचाने के लिए एचके एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक श्री कृष्ण श्रेष्ठ से 70 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
सीआईएए ने अधिकारी पर विकास चापागाईं, देवेंद्र केसी, रवींद्र लामिछाने और अन्य के साथ मिलीभगत से रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। भ्रष्टाचार निरोधक निकाय ने दावा किया है कि उन्होंने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के खातों में धन हस्तांतरित किया था और रिश्वत का रूप बदल दिया था।
सीआईएए ने कहा कि यह स्थापित हो गया है कि इस राशि का उपयोग दिव्यश्वरी परियोजना के भीतर जमीन खरीदने और ‘द कुटी रिसॉर्ट’ के ऋण का भुगतान करने के लिए किया गया था।
सीआईएए ने रिश्वतखोरी और संपत्ति छिपाने में शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों को भी प्रतिवादी के रूप में नामित किया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
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