काठमांडू। अंतर-सरकारी वित्तीय परिषद और विषयगत समितियों की बैठक में वित्तीय हस्तांतरण प्रणाली को पारदर्शी, पूर्वानुमेय और न्यायसंगत बनाने का निर्णय लिया गया है।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसी तरह, बैठक में समानीकरण अनुदान बढ़ाने और धीरे-धीरे सशर्त अनुदान को कम करने की नीति अपनाई गई है। बैठक में राजस्व रिसाव को नियंत्रित करने, आंतरिक संसाधन जुटाने में वृद्धि, छोटी और डुप्लीकेट परियोजनाओं के लिए बजट विनियोग को रोकने और प्रोजेक्ट बैंक की अवधारणा को अनिवार्य रूप से लागू करने का भी निर्णय लिया गया।
इसी तरह, प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त रॉयल्टी में नगरपालिकाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने, आवर्ती व्यय को कम करने, मितव्ययिता नीति को लागू करने और वित्तीय सूचना प्रणाली को एकीकृत करके एक वास्तविक समय प्रणाली को लागू करने के लिए एक समझौता हुआ है।
बैठक में सेवा वितरण और सुशासन को प्रभावी बनाने के लिए सरकार के तीनों स्तरों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। अंतर-सरकारी वित्तीय परिषद और विषयगत समितियों की बैठक संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तरों के बीच वित्तीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
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