काठमांडू। उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री गौरी कुमारी यादव ने दो सप्ताह के भीतर लगभग 425 मिलियन रुपये के किराए का भुगतान कर दिया है।

मंत्री यादव ने इंडस्ट्रियल एरिया मैनेजमेंट लिमिटेड को निर्देश दिए कि लंबे समय से किराया देने से आनाकानी कर रहे उद्योगों और कार्यालयों से तत्काल धन वसूला जाए। इस निर्देश के बाद कंपनी ने अब तक 42.54 करोड़ रुपये का बकाया संग्रह किया है।

इंडस्ट्रियल एरिया मैनेजमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक पदम ओली के अनुसार। कुछ उद्योगों ने 2045 से किराया नहीं दिया था। कुछ दिन पहले करीब 635 उद्योगों और कार्यालयों को किराया देने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया था और उनमें से ज्यादातर ने अपना बकाया चुका दिया है।

बाकी उद्योग के लिए बिजली कटौती

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मंत्री यादव द्वारा उद्योगों को बिजली की लाइनें काटने के लिए निर्धारित समय के भीतर किराया न देने के निर्देश देने के बाद कंपनी ने सख्त कार्रवाई की है। शुरुआत में 200 से ज्यादा उफोग लाइनें काटी गईं। इन उद्योगों का किराया चुकाने के बाद लाइन को जोड़ा गया है।

ओली के अनुसार, जिन 45 कंपनियों ने अभी तक किराया नहीं दिया है, उनकी बिजली लाइनों को काट दिया गया है। मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक इन उद्योगों का बकाया पूरी तरह से चुकता नहीं हो जाता, तब तक लाइन को न जोड़ा जाए।

जिन उद्योगों पर बकाया है, उनमें कॉन्टिनेंटल कंपोनेंट्स एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास 3.69 करोड़ रुपये हैं, जबकि कॉन्टिनेंटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास उसी ऑपरेटर के स्वामित्व वाली एक और कंपनी है। लिमिटेड। करीब 1 करोड़ रुपये का किराया अभी तक नहीं वसूला गया है।

फिलहाल दोनों उद्योगों की बिजली लाइनों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महाप्रबंधक ओली ने कहा कि किराया देने में अनिच्छा और बाहरी दबाव के बावजूद मंत्री यादव के स्पष्ट निर्देशों से कम समय में बकाया राशि का भुगतान किया जा सका है।