काठमांडू। सरकार ने लोक प्रशासन को अधिक अनुशासित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से सिविल सेवकों के लिए एक नई आचार संहिता लागू की है।
सरकार ने प्रशासनिक क्षेत्र को कड़ा कर दिया है, जिसमें कार्यालय समय के दौरान सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने, सार्वजनिक अभिव्यक्ति, सेवा प्राप्तकर्ताओं से निपटने, गोपनीयता, उपहार स्वीकार करने का कोई प्रावधान नहीं करने और सरकारी शिष्टाचार बनाए रखने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
भूमि प्रबंधन, सहकारिता और संघीय मामलों के मंत्रालय ने ‘आचार संहिता-2083 बी.एस.’ प्रकाशित किया है। मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ही इस आचार संहिता को लागू किया है और सभी कर्मचारियों को इसका पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया है।
इस कदम को सरकार के प्रशासनिक सुधार अभियान की निरंतरता के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे पहले सरकार ने नौकरशाही को निष्पक्ष, पेशेवर और अनुशासित बनाने और कर्मचारी आचार संहिता के प्रभावी कार्यान्वयन का लक्ष्य रखा था।
सरकार का दावा है कि नई आचार संहिता इसी के लागू होने के तौर पर आई है। सरकार ने ऐसे समय में आचार संहिता को कड़ा किया है जब हाल के समय में सार्वजनिक अभिव्यक्ति, सोशल मीडिया के इस्तेमाल, सेवा वितरण में देरी और कर्मचारियों के अनुशासन से संबंधित शिकायतें बढ़ रही हैं।
कुछ समय पहले ही ग्रामीण पालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के लिए आचार संहिता लागू की गई थी और अब सरकार पूरे प्रशासनिक क्षेत्र के कर्मचारियों पर कसने की तैयारी कर रही है।
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