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भोटेकोशी बाढ़ में लापता लोगों की मौत के लिए दो अधिनियमों में संशोधन किया जाएगा

कालोपाटी

४ घण्टा अगाडि

काठमांडू। सरकार भोटेकोशी की बाढ़ में लापता हुए लोगों की मौत को दर्ज करने के लिए दो अधिनियमों में संशोधन करने की तैयारी कर रही है।

गृह सचिव केदार नाथ शर्मा ने कहा है कि सरकार ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में 26 अगस्त को लापता हुए लोगों की मौत के पंजीकरण की प्रक्रिया को वैध बनाने के लिए दो अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा है।

आज सिंहदरबार में जलवायु परिवर्तन प्रभाव, जलवायु न्याय और भोटेकोशी-त्रिशूली आपदा पर संसदीय विशेष समिति को संबोधित करते हुए गृह सचिव शर्मा ने कहा कि भौगोलिक जटिलताओं और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण आपदा के प्रारंभिक चरण में बचाव अभियान में कुछ चुनौतियां देखी गई थीं, लेकिन सरकारी तंत्रों, सुरक्षा निकायों और स्थानीय स्तरों के समन्वित प्रयासों से प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

पुनर्निर्माण के बारे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय योजना आयोग के ‘रैपिड डैमेज एंड नीड असेसमेंट’ में फिलहाल 723 अरब रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

गृह सचिव शर्मा ने कहा कि आपदा की यह घटना नेपाल को अब तक का सबसे भयावह और अकल्पनीय नुकसान हुआ है और इसने सरकार की तैयारी क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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