काठमांडू। रसुवा जिले के अमा छोडिंगमो ग्रामीण नगरपालिका-3 के गतलांग गांव की महिलाओं के संघर्ष पर केंद्रित ‘उमोजा कॉफी’ में एक फोटो प्रदर्शनी शुरू हो गई है। फोटो जर्नलिस्ट केशव राज ठोकर द्वारा ली गई कुल 16 तस्वीरों को ‘गटलांग की महिलाओं का संघर्ष’ शीर्षक वाली प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संघर्ष और योगदान को उजागर करना है। दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि अमा छोडिंगमो गाउँपालिका के अध्यक्ष बुचुंग तमांग के साथ किया गया। तमांग और दलित समुदायों के लगभग 600 घरों का घर गतलांग गांव अपनी कृषि, पशुधन और पर्यटन आधारित जीवन शैली के लिए जाना जाता है। विशेष रूप से महिलाएं घर के कामों से लेकर पशुपालन, खेती और ऊन से लेकर राड़ीपाखी उत्पादन तक हर चीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दोलखा में जन्मे ठोकर पिछले दो दशकों से फोटो पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने ‘नेपाल समाचारपत्र’ से अपनी यात्रा शुरू की और ‘नागरिक डेली’ और अन्य मीडिया आउटलेट्स में काम किया। वह वर्तमान में एक फ्रीलांसर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने ‘लाइफ इन पैंडेमिक’ नामक एक फोटो बुक प्रकाशित की है, जो कोविद -19 महामारी के प्रभावों को दर्शाती है। ठोकर का लक्ष्य अपनी फोटो कहानियों के माध्यम से समाज में छिपे मुद्दों को उजागर करना है। उन्होंने कहा, “मैं दृश्य कहानियों के माध्यम से बेजुबानों की आवाज को प्रस्तुत करना जारी रखूंगा।

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