काठमांडू। विदेशी रोजगार विभाग की मंजूरी के बिना कामगारों को विदेश भेजने वाली 39 और मैनपावर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विभाग ने नोटिस जारी कर नेपाली श्रमिकों पर उनकी मंजूरी के बिना विदेशी रोजगार में भेजने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
विदेशी रोजगार अधिनियम, 2064 के खंड 22 के अनुसार, श्रमिकों को घरेलू हवाई अड्डों का उपयोग करके भेजा जाना चाहिए। विभाग ने प्रावधान के कार्यान्वयन की निगरानी और अध्ययन के लिए चैत्र 1, 2082 से 14 जेठ, 2083 तक श्रम परमिट प्राप्त करने के बाद विदेश में भेजे गए श्रमिकों का उड़ान विवरण मांगा था। विभाग ने कुल 598 जनशक्ति कंपनियों के खिलाफ विवरण प्रस्तुत नहीं करने और अनुमति प्राप्त किए बिना विदेशी हवाई अड्डों का उपयोग करने के लिए कार्रवाई की है।
इससे पहले, जिन मैनपावर कंपनियों ने विवरण जमा नहीं किया था, उन्हें फिर से विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। इसके आधार पर 39 मैनपावर कंपनियों को फटकार लगाई गई है, जिन्होंने विवरण जमा किया लेकिन विदेशी हवाई अड्डों का उपयोग करके श्रमिकों को भेजा।
इसी तरह 124 मैनपावर कंपनियों को भी दो बार विवरण जमा करने के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए कार्रवाई की गई है। उनसे यह बताने को कहा गया है कि उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।
विभाग ने विदेशी रोजगार अधिनियम, 2064 के खंड 54 के अनुसार दूसरी बार 39 संगठनों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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