काठमांडू। सीपीएन-यूएमएल के महासचिव शंकर पोखरेल ने कहा है कि पिछले साल के ‘गेंजी आंदोलन’ के दौरान हुई हिंसा में शामिल अपराधियों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
घायल और अपने बच्चों को खोने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए, पोखरेल ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भड़काने और उन्हें हिंसा में बदलने के लिए एक साजिश रची गई थी।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और सुशासन बनाए रखने, सेवा वितरण की सुविधा और सोशल मीडिया के मुफ्त उपयोग की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि ये मांगें सभी के लिए साझा चिंता का विषय हैं।
तत्कालीन सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध नहीं लगाने का दावा करते हुए पोखरेल ने कहा कि नई पीढ़ी सड़कों पर आ गई है क्योंकि वह नेपाल में पंजीकरण की नीति को स्पष्ट नहीं कर सकी।
उन्होंने लिखा, “अब यह सूरज की तरह स्पष्ट है कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भड़काने और उन्हें हिंसक बनाने के लिए एक सुनियोजित साजिश थी।
पोखरेल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल अपराधियों और षड्यंत्रकारियों की पहचान करने और उन्हें सजा दिलाने के लिए गेंजी आंदोलन की वास्तविक भावना का सम्मान किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जेंजी आंदोलन की भावना के अनुरूप नहीं बल्कि आंदोलन को अपहृत करने वालों की योजना और प्रभाव के तहत है। महासचिव पोखरेल ने कहा कि समय की मुख्य मांग युवाओं की भावनाओं का सम्मान करना, देश में सुशासन की गारंटी देना और कानून का शासन स्थापित करना है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी युवाओं की आकांक्षाओं और वास्तविक मांगों को पूरा करने के लिए उनके साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
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