काठमांडू। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में दिख रही समस्या ने सुदूर-पश्चिमी क्षेत्र में बड़ी विकास परियोजनाओं के कार्यों को प्रभावित किया है।
ठेकेदारों ने कहा है कि उन्हें कीमतों में वृद्धि और ईंधन की कमी के कारण परियोजना को आगे बढ़ाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, भले ही वे स्टॉक में मौजूद ईंधन के साथ काम कर रहे हों।
सेती हाईवे के प्रमुख राम कुमार देव ने बताया कि हाईवे के दक्षिणी हिस्से का काम लगभग रुकने वाला है। परियोजना प्रमुख देव ने बताया कि डोटी, अछाम और कैलाली में अलग-अलग पैकेज के तहत कार्य चल रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के बाद ठेकेदारों ने कार्यालय में आवेदन दाखिल करना शुरू कर दिया है कि वे अपना काम फिर से शुरू नहीं कर सकते हैं।
महाकाली सिंचाई परियोजना का तीसरा चरण भी प्रभावित हुआ है। हालांकि दार्चूला के कंचनपुर से टिंकर तक कॉरिडोर का निर्माण तेरह पैकेजों में चल रहा है, लेकिन हाल की अवधि में ठेकेदारों ने ऊंची कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए काम करना बंद कर दिया है।
महाकाली कॉरिडोर (ब्रह्मदेव-झूलाघाट-दारचूला-टिंकर) सड़क परियोजना कार्यालय के सूचना अधिकारी दिनेश रायखोला ने बताया कि महाकाली कॉरिडोर (ब्रह्मदेव-झूलाघाट-दारचूला-टिंकर) का निर्माण ईंधन और अलकतरा सहित सामग्री के दाम बढ़ने से प्रभावित हुआ है।
425 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के तहत कंचनपुर में 11 किलोमीटर, डडेलधुरा में 56 किलोमीटर, बैतडी में 144 किलोमीटर और दार्चुला में 120 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। नेपाल सेना दारचुला में 79 किलोमीटर सड़क का ट्रैक खोल रही है।
ठेकेदारों ने सरकार से मूल्य वृद्धि को समायोजित करने की मांग करते हुए कहा है कि जब तक मूल्य वृद्धि समायोजन नहीं हो जाता, तब तक वे काम नहीं कर पाएंगे।
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