काठमांडू। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के सांसद ज्ञानेंद्र शाही ने सरकार पर नागरिकों से कर वसूलने के बावजूद लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसद शाही ने कहा कि राज्य 40 प्रतिशत से अधिक कर का भुगतान करने के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में विफल रहा है।
उन्होंने कहा कि हालांकि नागरिकों को कर भुगतान की सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन अब दुख, निराशा और आत्महत्या की स्थिति पैदा हो रही है। गणेश नेपाली के मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्थिति को राज्य की कमजोरी के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, ‘आज के नागरिक औसतन 40 प्रतिशत से अधिक कर का भुगतान करते हैं। लेकिन राज्य जो देता है वह यह है कि कोई मुफ्त शिक्षा नहीं है, कोई स्वास्थ्य नहीं है, कोई पक्की सड़कें नहीं हैं, कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। टैक्स लेने के बाद हमें बदले में सुविधाएं देनी चाहिए।
सांसद शाही ने गृह मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृह मंत्री पर लोगों की जान बचाने से ज्यादा मीडिया और प्रचार पर ध्यान देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘आप गृह मंत्री हैं या कंटेंट क्रिएटर? कल गृह मंत्री कभी हवाई अड्डे पर तो कभी कहीं फिल्म के हीरो की तरह मीडिया के इधर-उधर दौड़ रहे थे।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री की प्राथमिकता नागरिकों की जान बचाना होना चाहिए, न कि वीडियो बनाना।
उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात की परवाह नहीं है कि गृह मंत्री ने कितने वीडियो बनाए हैं, कितने यूट्यूब यूजर इस्तेमाल किए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या गृह मंत्री के आदेश से लोगों की जान बचाई गई।
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