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बिष्णु पौडेल की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई पूरी

कालोपाटी

६ घण्टा अगाडि

काठमांडू। पूर्व उप प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल को अवैध हिरासत में रखने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है।

न्यायमूर्ति श्रीकांत पौडेल की एकल पीठ पौडेल की पत्नी डोमाया पौडेल की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में डोमाया ने यह कहते हुए रिहाई के आदेश की मांग की है कि उन्हें बिना किसी सबूत और राजनीतिक प्रतिशोध के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता टीकाराम भट्टराई, रमेश बादल, ईश्वरी भट्टराई सहित अन्य ने दलील दी कि पौडेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की कोई जरूरत नहीं है। यह तर्क दिया गया है कि व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ कोई लेन-देन नहीं होने पर आग जलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किए बिना केवल पौडेल को गिरफ्तार करना अवैध और प्रतिशोधात्मक था।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने मंगलवार को पौडेल को उनके बयान के आधार पर 5 दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया था कि वह दीपक भट्टा और कमल किशोर मालपानी समूह के शेयरों से परिचित थे।

पौडेल को सोमवार को सुर्खेत में एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान गिरफ्तार किया गया था और रात भर एक सार्वजनिक वाहन से काठमांडू लाया गया था।

 

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