काठमांडू। विशेष अदालत ने बागमती नगर पालिका के निलंबित महापौर भरत कुमार थापा के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई शुरू कर दी है।
न्यायमूर्ति नारायण प्रसाद पौडेल, न्यायमूर्ति उमेश कोइराला और न्यायमूर्ति बिदुर कोइराला की खंडपीठ मंगलवार को इस मामले की सुनवाई कर रही है।
प्राधिकरण दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) ने थापा के खिलाफ माछापोखरी के निर्माण के नाम पर 56.71 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के लिए भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। प्राधिकरण के दुरुपयोग की जांच आयोग (सीआईएए) आरोपियों पर प्रदेश 4 और 12 में स्थित सागरनाथ वन विकास परियोजना के वन क्षेत्र में मछली तालाब बनाने के नाम पर केंद्र और प्रांतीय सरकारों से लाखों रुपये के गबन करने का आरोप है।
सीआईएए ने मेयर थापा, डिप्टी मेयर लीला कुमार मोक्तान और पूर्व मंत्री बिजय कुमार से 56.71 करोड़ रुपये की वसूली की भी मांग की है।
इस मामले में बिमल कुमार पोखरेल, सागर पौडेल, विश्वराज पोखरेल, निरंजन लामिछाने, बिजय कुमार, गोकुल भुजेल और लीला कुमारी मुक्तन को भी प्रतिवादी बनाया गया है। प्रतिवादियों पर मौजूदा वन अधिनियम, 2049 और प्रचलित वन अधिनियम, 2076 के अनुसार मछली तालाबों के निर्माण के नाम पर तालाबों सहित अवैध संरचनाओं का निर्माण करने का आरोप है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन वित्तीय मामलों और योजना मंत्री बिजय कुमार ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और तालाब के निर्माण के लिए मधेस प्रांत सरकार से बार-बार 300 मिलियन रुपये का अनुदान प्रदान किया।
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