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पतंजलि भूमि घोटाला: माधव कुमार नेपाल भ्रष्टाचार मामले में सुनवाई के लिए

कालोपाटी

३ हप्ता अगाडि

काठमांडू। पतंजलि योगपीठ और आयुर्वेद कंपनी नेपाल की जमीन हड़पने के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सह-समन्वयक माधव कुमार नेपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का समय सौंप दिया है। विशेष अदालत में इस मामले की अंतिम सुनवाई हो रही है।

न्यायमूर्ति नारायण प्रसाद पौडेल, न्यायमूर्ति दिल्ली रत्न श्रेष्ठ और न्यायमूर्ति उमेश कोइराला की पूर्ण पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में नोट ऑफ आर्गुमेंट पेश करने का आदेश दिया था। प्राधिकार दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) ने पांच जून को विशेष अदालत में एक मामला दायर कर पतंजलि भूमि घोटाले में नेपाल सहित 93 लोगों को प्रतिवादी बनाया था।

प्राधिकरण दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) ने नेपाल के खिलाफ 185.85 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया है। भ्रष्टाचार निरोधक निकाय ने नेपाल पर तत्कालीन प्रधानमंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करके सार्वजनिक संपत्ति को निजी और संस्थागत हितों के लिए हस्तांतरित करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है।

नेपाल के नेतृत्व में तत्कालीन मंत्रिपरिषद ने 6 फरवरी, 2066 को अपनी बैठक में पतंजलि को सीमा से अधिक भूमि लेनदेन को मंजूरी दी थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि नेपाल ने 1 फरवरी, 2006 को पतंजलि को सीमा से अधिक जमीन बेचने और बदलने की अनुमति दी थी।

प्राधिकार दुरुपयोग जांच आयोग (सीआईएए) ने 314 रोपनी जमीन को अवैध रूप से बेचने और एक दाम जमीन के गबन के आरोप में 93 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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