काठमांडू। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए अभियान की समन्वयक दुर्गा प्रसाईं द्वारा दायर मूल फाइल पेश करे।
न्यायमूर्ति नहकुल सुबेदी और न्यायमूर्ति मेघराज पोखरेल की खंडपीठ ने सोमवार को पुलिस को आदेश दिया कि वह कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए फैसले के साथ मूल फाइल भी पेश करे।
प्रसाई ने काठमांडू के जिला पुलिस रेंज को प्रतिवादी बनाते हुए एक रिट याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट को दिए एक लिखित जवाब में रेंज ने कहा था कि उन्हें 17 फरवरी को चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए एक पत्र के अनुसार गिरफ्तार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है, ‘यह पता चला है कि याचिकाकर्ता (दुर्गा प्रसाई) को चुनाव आयोग के 17 फरवरी के पत्र के अनुसार जांच के लिए गिरफ्तार किया गया था, इसलिए प्रसाईं के खिलाफ कार्रवाई करने के आयोग के फैसले के साथ मूल फाइल अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के माध्यम से लाई जानी चाहिए.’
साथ ही याचिका पर मंगलवार को सुनवाई का आदेश दिया है।
चुनाव आयोग के पत्र के बाद रेंज की एक टीम ने 17 फरवरी को प्रसाईन को गिरफ्तार किया था।
वह फिलहाल परिसर की कस्टडी में है।
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