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2 से 10 दिन की सैलरी में कटौती, 36 करोड़ रुपये होंगे राहत कोष में

कालोपाटी

३ घण्टा अगाडि

काठमांडू। बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए सिविल सेवकों की श्रेणी के अनुसार 2 से 10 दिन का वेतन काटा जाएगा। आज हुई सचिव स्तर की बैठक में कर्मचारियों की छुट्टी और विदेश यात्रा पर रोक लगाने का भी फैसला किया गया।

बैठक में संघीय सरकार के कर्मचारियों के वेतन को अगस्त महीने के वेतनमान से एक निश्चित दिन के लिए काटकर ‘प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा राहत कोष’ में जमा करने का भी निर्णय लिया गया।

के तहत

गैर-श्रेणीबद्ध कर्मचारी: 2 दिन का वेतन

राजपत्रित अराजपत्रित (नायब सुब्बा और समान): 5 दिन का वेतन

}

राजपत्रित द्वितीय और तृतीय श्रेणी (अधिकारी एवं अवर सचिव): 7 दिन का वेतन {

}

राजपत्रित प्रथम एवं विशेष श्रेणी (संयुक्त सचिव और सचिव): 10 दिन का वेतन

}

अनुमान है कि अकेले संघीय सरकार के कर्मचारियों से लगभग 36 करोड़ रुपये एकत्र किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य, स्थानीय स्तर और अन्य सार्वजनिक निकायों के कर्मचारियों को भी तदनुसार योगदान करने के लिए कहा गया है।

आपदा प्रबंधन और प्रतिक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों के प्रशासन के लिए सख्त नियम जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्य क्षेत्र को न छोड़ें और आवश्यक कार्यों को छोड़कर ‘काम’ न करें।

राज्य व स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को केन्द्र में आमंत्रित कर आयोजित सेमिनार, सेमिनार व प्रशिक्षण को फिलहाल रोक दिया गया है। सार्वजनिक अवकाश के दिन भी अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर कार्य करने तथा सेवा वितरण सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में संबंधित मंत्रालयों को सड़कों, पुलों, पेयजल, बिजली और दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाओं को फिर से शुरू करने का भी निर्देश दिया गया।

 

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