काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद राजीव खत्री ने जेंजी आंदोलन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधि सभा में बोलते हुए, उन्होंने मांग की कि सदन एक प्रस्ताव पारित करे कि क्या जेंजी आंदोलन जागरूक युवाओं का विद्रोह है या नहीं।
2 अप्रैल को हुई संसद की पहली बैठक को संबोधित करते हुए हमारे राष्ट्रपति रवि लामिछाने ने कहा था कि शहीद की मां को न्याय पाने का पहला अधिकार है। लेकिन जब वह 58वीं सभा में पहुंची तो शहीद की मां ने रोते हुए कहा कि उनका अपमान किया गया है।
बेटे के बैग में एक नोटबुक और एक किताब थी, उसके मुंह में भ्रष्टाचार विरोधी नारा था, उसके सीने और सिर में गोली मार दी गई, उसे एक खूंखार आतंकवादी की तरह मार दिया गया। मां के आंसू मूसलाधार धारा की तरह बह रहे थे। कहा जाता था कि शहीद के खून और मां के आंसुओं का हिसाब लगाया जाएगा, लेकिन वह दिन आया कि बेटे की लाश को सदन में किसी पद से नहीं बदला गया।
अगर जेंजी आंदोलन जागरूक युवाओं का विद्रोह है या नहीं है, तो आइए हम इस सदन से संकल्प प्रस्ताव लाएं और इसे पारित करें। और हम दोषियों को कटघरे में खड़ा करके न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लें। वरना शहीद की मां के आंसू जरूर जलेंगे
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