काठमांडू। काठमांडू के मध्य में स्थित बसंतपुर दरबार स्क्वायर केवल ऐतिहासिक स्मारकों का संग्रहालय नहीं है। यह अपनी पुरानी क्यूरियो दुकानों के माध्यम से जीवंत कला और संस्कृति का संरक्षक भी है। दशकों से ये दुकानें नेपाल की पहचान को दुनिया में प्रचारित करती रही हैं।
यहां के ज्यादातर कारोबारी इस जगह पर पांच-छह पीढ़ियों से कारोबार कर रहे हैं। वे न केवल व्यवसाय से परे हैं, बल्कि संस्कृति भी हैं। इन सामग्रियों में नेपाली कला और कौशल का वह जादू है।
जो किसी को भी मंत्रमुग्ध कर देगा। यहां पाए जाने वाले अधिकांश शिल्प उत्तम हस्तशिल्प, मूर्तियां और मूल गहने हैं जो नेपाली हाथों से बुने और उकेरे गए हैं। नेपाली इन हस्तशिल्प वस्तुओं को न केवल सजावट और उपहारों के लिए, बल्कि उनकी मौलिकता को बनाए रखने के लिए भी तेजी से खरीद रहे हैं।
कभी विदेशी पर्यटकों की पसंद हुआ करती ये क्यूरियो दुकानें अब नेपाली ग्राहकों की संख्या में वृद्धि देख रहे हैं। समय बदल गया है, ग्राहक बदल गए हैं, लेकिन बसंतपुर की इन क्यूरियो दुकानों द्वारा ले जाई जाने वाली नेपाली कला की खुशबू और पीढ़ीगत प्रसारण की विरासत अभी भी वैसी ही है।

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