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17वें राष्ट्रीय बाल नाटक महोत्सव का उद्घाटन

कालोपाटी

६ घण्टा अगाडि

काठमांडू। 17वें राष्ट्रीय बाल नाटक महोत्सव का शुक्रवार को उद्घाटन हो गया। सप्ताह भर चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन आज शेली थियेटर, रूसी सदन काठमांडू और ओजस थिएटर द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि एवं नाटककार एलबी छेत्री ने कहा कि नाटक विधा को गंभीरता से लेना जरूरी है। उन्होंने कहा, “नाटक का इतिहास ऐतिहासिक है और इसे यथार्थवादी बनाने के लिए हमेशा सभी पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नाटक की शैली ऐसी है जो हमेशा जीवंतता देती है और एक मजबूत और अनुकरणीय भूमिका निभाती रही है। उन्होंने कहा कि बाल नाटक को शिक्षा के एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए क्योंकि नाटक के पात्र हमेशा जीवित रहते हैं, उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने सपनों को मंच पर प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

बाल नाट्य महोत्सव के संयोजक महेश पौडेल ने कहा कि जब तक सरकारी निकाय नाटक विधा को महत्व नहीं देंगे, तब तक नाटक विधा का विकास संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक जीवित सामग्री का निष्पक्ष रूप से पालन नहीं किया जाता है, तब तक यह संदेह है कि इसका विकास होगा।

इसी तरह, रूसी हाउस काठमांडू की निदेशक अनास्तासिया खोकोलोवा ने कहा कि इस साल का नाटक महोत्सव बहुत सार्थक है और यह नेपाल और रूस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आने वाले वर्षों में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि ड्रामा फेस्टिवल कई वर्षों से इस प्रोजेक्ट को जीवन दे रहा है।

इसी तरह उद्घाटन सत्र में दो नाटक ‘वी आर द वन’ और ‘पार्वती’ प्रस्तुत किए गए। जिसमें ‘वी आर वन’ एक प्रतिस्पर्धी ड्रामा है, जबकि ‘पार्वती’ एक गैर-प्रतिस्पर्धी नाटक है। इस मौके पर रामबाबू सुबेदी को शांता दास मानन्धर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसमें 18 नाटक होंगे। ट्रॉफी और पुरस्कार के साथ नकद पुरस्कार भी होगा। यह महोत्सव 14 फरवरी तक चलेगा।

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